🔥 Holika Dahan Upay
3 Secret Tantric Remedies for Wealth & Debt Relief
होलिका दहन की रात्रि को तंत्र-मंत्र और ज्योतिष शास्त्र में 'महारात्रि' (Maha-Ratri) माना जाता है। इस रात किए गए उपाय असीम फल देते हैं। यदि आप आर्थिक संकट, भारी कर्ज, या व्यापार में रुकावट का सामना कर रहे हैं, तो नीचे दिए गए 3 अचूक उपायों में से अपनी समस्या के अनुसार कोई एक उपाय पूरी श्रद्धा से संपन्न करें।
यदि आप भारी आर्थिक संकट में हैं, तो होली की रात्रि में निवास के पूजा स्थल में मां लक्ष्मी की प्रतिमा के समक्ष रोली में लाल गुलाल मिलाकर मां को तिलक करें। इस दौरान मां लक्ष्मी के किसी भी मंत्र का जप करें।
इसके बाद अपने निवास अथवा व्यावसायिक स्थल (Business place) की एक कील (Iron Nail) लें। उस पर कलावा (मौली) बांधकर, जिस स्थान पर होली जलनी है, वहाँ मिट्टी में दबा दें।
अगले दिन उस कील को निकाल कर अपने मुख्य द्वार के बाहर की मिट्टी में दबा दें। इस उपाय से आपके निवास या प्रतिष्ठान में नकारात्मक शक्ति (Negative energy) का प्रवेश हमेशा के लिए बंद हो जाएगा।
विशेष (Urban Alternative)
यदि सार्वजनिक स्थान पर कील दबाना संभव न हो, तो होली जलने के बाद उसकी राख (Ash) घर ले आएं। राख को मिट्टी के पात्र में रखकर घर के बाहर सुरक्षित स्थान पर रखें और कील को राख के नीचे दबा दें। दूसरे दिन कील निकालकर मुख्य द्वार पर दबा दें और राख को जल में प्रवाहित कर दें।
यदि आपके ऊपर किसी भी प्रकार का कर्ज है या आय में कमी है, तो होली की रात्रि में जहाँ होली जलनी है, वहां की जमीन में छोटा सा गड्ढा खोदें। उसमें 5 अभिमंत्रित गोमती चक्र और 5 कौड़ियां दबा दें। हरे गुलाल से गड्ढे को भरकर मिट्टी डाल दें। गड्ढे के ऊपर एक पान का पत्ता, पीला गुलाल, एक सिक्का, छोटी कील और सुपारी रखें।
होलिका दहन के समय: जब होली जले, तब एक पान के पत्ते पर एक बताशा, शुद्ध घी में डुबोकर लौंग का जोड़ा, बड़ी इलायची, काले तिल, पीली सरसों, सुपारी व गुड़ रखें। पीला गुलाल छिड़क कर दूसरे पान के पत्ते से ढक दें। इसके ऊपर 7 गोमती चक्र रखें।
अब होली की 7 परिक्रमा करें। प्रत्येक परिक्रमा में निम्न मंत्र का जाप करते हुए एक गोमती चक्र होली की अग्नि में डालते जाएं:
कर्ज मुक्ति मंत्र
"फ्रीम फ्रीम अमुक कर्ज विनशयते फट स्वाहा"
(नोट: 'अमुक' के स्थान पर उस व्यक्ति/बैंक का नाम लें जिसका कर्ज देना है।)
अगले दिन: होली जलने वाले स्थान पर जाकर गड्ढे के निकट 3 अगरबत्ती दिखाएं। गड्ढे से सारी सामग्री (और थोड़ी मिट्टी) निकाल लें। इसे नीले कपड़े में लाल गुलाल के साथ बांधकर तीव्र प्रवाह वाले जल में प्रवाहित कर दें। कुछ ही समय में कर्ज मुक्ति के मार्ग खुल जाएंगे।
विशेष (If Items are Lost)
यदि अगले दिन दबी हुई सामग्री न मिले, तो परेशान न हों। केवल वहाँ से होलिका की राख प्राप्त करें, उसमें ऊपर बताई गई नई सामग्री रखकर नीले कपड़े की पोटली बनाएं और जल में प्रवाहित कर दें।
यदि आपको मेहनत के अनुसार लाभ नहीं मिलता, तो होली से पहले सुनार से 50% चांदी, 30% लोहा और 20% पीतल लें (अपनी मध्यमा उंगली के माप अनुसार)।
होली जलने से पहले उस स्थान के ईशान कोण (North-East) में गड्ढा खोदकर लाल गुलाल के साथ तीनों धातुएं और 11 लौंग दबा दें। गड्ढा बंद करके पीले गुलाल से स्वस्तिक बनाएं।
होलिका दहन के समय: एक पान के पत्ते पर कर्पूर, हवन सामग्री, शक्कर, घी में डूबा लौंग का जोड़ा, काले तिल और पीली सरसों रखें। इसे दूसरे पत्ते से ढक दें। जहाँ धातु दबाई है, वहीं से परिक्रमा आरंभ करें। 7 परिक्रमा करें और प्रत्येक राउंड में "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" का जप करते हुए अग्नि में एक बताशा डालें। अंत में पान के पत्ते की सामग्री अग्नि में अर्पित कर दें।
अंगूठी निर्माण: अगले दिन नए पान के पत्ते वाली सामग्री ले जाकर दबी हुई धातुएं निकाल लें। गड्ढे में पान की सामग्री रखकर लाल गुलाल से भरें और 3 अगरबत्ती जलाएं।
अब सुनार के पास जाकर उन तीनों धातुओं को मिलाकर मध्यमा उंगली (Middle Finger) का छल्ला बनवा लें। इसे 15 दिन बाद आने वाले शुक्ल पक्ष के गुरुवार को धारण करें। जब तक यह छल्ला आपके पास रहेगा, आर्थिक समस्याएं आपको परेशान नहीं करेंगी।
अत्यंत आवश्यक नियम (Strict Warning)
यदि आप होलिका की राख घर लाकर यह उपाय कर रहे हैं (विशेष बॉक्स 1 के अनुसार), तो ध्यान रहे कि अगले दिन तीनों धातुओं का मिलना अत्यंत आवश्यक है। यदि धातुएं खो गईं, तो यह उपाय पूरी तरह विफल (Fail) हो जाएगा।