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Ravi Pradosh Vrat 1 March 2026: Date, Pradosh Kaal Muhurat, Puja Vidhi & Parana
Key Takeaway
When is the Pradosh Vrat in March 2026? The first Pradosh Vrat of March will be celebrated on Sunday, 1st March 2026. Because it falls on a Sunday, it is known as Ravi Pradosh Vrat. • Pradosh Kaal (Best Puja Time): Evening 05:51 PM to 08:56 PM. • Significance: Worshipping Lord Shiva on a Sunday brings the dual blessings of Shiva and Surya Dev, strengthening the Sun in one's Kundali and bringing fame, health, and prosperity. • Parana (Fast Breaking): March 2, 2026, between 06:12 AM to 07:38 AM.

सनातन परंपरा में प्रदोष व्रत भगवान शिव की विशेष कृपा पाने का सबसे मजबूत आधार है। इस बार फाल्गुन महीने का आखिरी प्रदोष व्रत रविवार, 1 मार्च 2026 को पड़ रहा है।
रविवार के दिन पड़ने के कारण इसे "रवि प्रदोष व्रत" कहा जाएगा। धार्मिक दृष्टि से यह दिन अत्यंत फलदायी माना जाता है क्योंकि इसमें भक्तों को भगवान शिव और सूर्य देव दोनों का संयुक्त आशीर्वाद प्राप्त होता है।
त्रयोदशी तिथि: 28 फरवरी (08:05 PM) से 1 मार्च (06:30 PM) तक
(शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव की पूजा के लिए यह समय सबसे अधिक प्रभावी और फलदायी होता है।)
पहला मुहूर्त: 06:12 AM से 07:38 AM तक
दूसरा मुहूर्त: 09:07 AM से 10:34 AM तक
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संकल्प (Sankalp): सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। भगवान शिव जी के सामने हाथ जोड़कर व्रत का संकल्प लें।
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तैयारी: घर के मंदिर को साफ करें। एक चौकी पर भगवान शिव और मां पार्वती की प्रतिमा या शिवलिंग स्थापित करें।
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अभिषेक व अर्पण: महादेव को पंचामृत या गाय के कच्चे दूध से स्नान कराएं। उन्हें प्रिय वस्तुएं जैसे- बेलपत्र, धतूरा, भांग और सफेद फूल अर्पित करें।
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मंत्र जाप: पूरे दिन 'ॐ नमः शिवाय' का मानसिक जाप करें। प्रदोष काल की पूजा के समय शिव चालीसा और प्रदोष व्रत कथा का पाठ अवश्य करें।
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आरती: अंत में शुद्ध घी के दीपक से शिव-पार्वती की आरती करें और पूजा में हुई किसी भी अनजाने भूल के लिए क्षमा प्रार्थना करें।
✨ रवि प्रदोष के चमत्कारी लाभ
धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, रवि प्रदोष व्रत करने से जीवन में सुख-समृद्धि और उत्तम आरोग्य (Health) की प्राप्ति होती है। यह व्रत कुंडली में सूर्य (Sun) की स्थिति को भी मजबूत करता है, जिससे व्यक्ति का समाज में मान-सम्मान बढ़ता है और जीवन में तेज व शुभता का आगमन होता है।




